
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार को भगदड़ मच गई — और एक धार्मिक आयोजन, एक आपदा में बदल गया।
एकादशी के मौके पर उमड़ी भीड़ ने जब सीढ़ियों पर चढ़ने की कोशिश की, तो आस्था और अफरा-तफरी आमने-सामने आ गए। परिणाम — 9 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत और कई घायल।
सीएम चंद्रबाबू नायडू बोले — “मन व्यथित है”
सीएम नायडू ने तुरंत ट्वीट कर दुख जताया और प्रशासन को घायलों के उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा — “श्रद्धालुओं की मृत्यु अत्यंत हृदयविदारक है, हर संभव मदद दी जाएगी।”
कृषि मंत्री के. अत्चन्नायडू मौके पर पहुंचे और हालात का जायज़ा लिया। मंदिर परिसर में अब भारी पुलिस बल तैनात है।
पीएम मोदी का मुआवजा ट्वीट — “हम आपके साथ हैं”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (Twitter) पर पोस्ट करते हुए मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की सहायता की घोषणा की।
कहा — “ईश्वर इन परिवारों को शक्ति दे और घायलों को जल्द स्वस्थ करें।”
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने जताया शोक
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने लिखा — “भगवान वेंकटेश्वर सभी भक्तों को शक्ति दें, सरकार घायलों के इलाज की पूरी जिम्मेदारी लेगी।”

धर्म, भीड़ और सिस्टम — तीनों का संतुलन बिगड़ा
CMO ने बताया कि हादसा उस वक्त हुआ जब श्रद्धालुओं की संख्या मंदिर की क्षमता से कई गुना अधिक हो गई। “Entry और Exit एक ही जगह थी…” — और बस, यहीं से गड़बड़ शुरू हुई। एक बार फिर सवाल उठ रहा है — भीड़ पर नियंत्रण कौन करेगा? आस्था तो नियंत्रित नहीं हो सकती।
श्रीकाकुलम जिले में स्थित वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ मचने से 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। सीएम चंद्रबाबू नायडू और पीएम मोदी ने दुख जताया और मुआवजे की घोषणा की। भारी भीड़ और खराब प्रबंधन इस हादसे की मुख्य वजह बताई जा रही है।
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